''बचपन'' Nursery Rhymes Lyrics in Hindi | बच्चे की कविता हिंदी में सुने...

 '' बचपन '' 

 कितना निश्छल , कितना चंचल , कितना प्यारा है ये बचपन
 दादी , नानी और मां की आँखो का तारा यह बचपन

 बच्चो को यह चाँद और तारे सूरज , बादल भरमाते है
 पूछे तरह - तरह की बातें , यह सब कहां से आते है

 फूल , पहाड , नदी और झरने कैसे शोर मचाते है
 तोता , मैना , चिडिया , कोयल कैसे गाना गाते है

 भोली - भाली बातों से यह सब का मन मोह लेते है अपना -   पराया यह न जाने दिल में घर कर लेते है

 बचपन जीवन की प्रभात है , मानव जीवन की नीव है
 कोरा - कागज सा यह बचपन , हर घर की तस्वीर है

                                                        - मीनू सिंगला

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